इन युद्धपोतों के नाम आईएनएस सरयू और आईएएन बित्रा मंगलवार को यांगून बंदरगाह पहुंचे। इनमें 174 अधिकारी और नौसैनिक सवार है।
ये युद्ध पोत म्यांमार में गुरुवार तक रहेंगे। इससे पहले भारतीय कोस्ट गार्ड का एक पोत जनवरी मध्य में यहां आया था।
कोस्ट गार्ड का वह जहाज चेतक हेलीकॉप्टर से लैस है, जो समुद्र की सुरक्षा और स्मलिंग व लूटमार जैसी घटनाओं को रोकने और राहत व बचाव कार्य के लिए तैयार रहता है।
इससे पहले भारतीय नौसेना का जहाज मई 2015 में यंगून आया था।
dharmpath.com dharmpath