मां सबसे बड़ा गुरुकुल : सुमित्रा महाजन (फोटो सहित)

मथुरा, 18 फरवरी (आईएएनएस)। लोकसभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन ने कहा कि मां सबसे बड़ा गुरुकुल होता है। मातृत्व जागने पर वह खुद को भी जगाने मंे सफल हो जाती है। शिष्य गुरु से सवाया हो जाता है। बुलंद आवाज में देश को जागरूक करने वाली दीदी ऋतंभरा स्वयं भी ऐसी जाग गईं कि मातृत्व जाग गया और वह मां बन गईं। ऐसी मां जो दूसरे बच्चों को भी वात्सल्य देती हैं। इस मां को आज मेरा भी दीदी मां कहने का मन करता है।

मथुरा, 18 फरवरी (आईएएनएस)। लोकसभा अध्यक्षा सुमित्रा महाजन ने कहा कि मां सबसे बड़ा गुरुकुल होता है। मातृत्व जागने पर वह खुद को भी जगाने मंे सफल हो जाती है। शिष्य गुरु से सवाया हो जाता है। बुलंद आवाज में देश को जागरूक करने वाली दीदी ऋतंभरा स्वयं भी ऐसी जाग गईं कि मातृत्व जाग गया और वह मां बन गईं। ऐसी मां जो दूसरे बच्चों को भी वात्सल्य देती हैं। इस मां को आज मेरा भी दीदी मां कहने का मन करता है।

यहां 16 से 22 फरवरी तक मनाए जाने वाले वात्सल्य महोत्सव में महाजन ने कहा कि अयोध्या आंदोलन के समय ऋतंभरा दीदी की बुलंद आवाज सुनने के लिए देश इंतजार करता था। आवाज ही ऐसी थी कि देश ही नहीं विश्व में जागृति आई। दूसरों को जगाते-जगाते दीदी खुद जाग गईं और अपना सारा वात्सल्य उड़ेलते हुए दूसरे बच्चों को पूरक परिवार दे दिया।

उन्होंने कहा कि हम एक दो बच्चे जन्मते हैं, मगर समाज के बच्चों को अनाथ नहीं होने देना तथा उन्हें प्रेम संबंधों से परिपूर्ण परिजन देना और अपने आगोश में लेने का सपना साकार ऋतंभरा जैसे व्यक्तित्व को ही सूझ सकता है।

लोकसभा अध्यक्षा ने कहा कि दीदी को उनके वात्सल्य को सहयोग करना सौभाग्य है। ऐसा करने वाल मानवता और हिंदुस्तान के सहयोगी बन रहे हैं। ऐसे सभी सहयोगियों को वह नमन करती है।

वात्सल्य महोत्सव अंतर्गत श्रीमद् भागवत कथा मंच पर भक्तों को संबोधित करने के बाद लोकसभा अध्यक्षा महाजन ने संविद गुरुकुलम सीनियर सेकेंड्री स्कूल के बालिका छात्रावास मां कलावती पालयम के द्वितीय चरण का शिलान्यास किया। साध्वी ऋतंभरा ने सुमित्रा महाजन को स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र देकर एवं माला पहनाकर सम्मानित किया; सुमित्रा महाजन ने दीदी मां के गुरु स्वामी परमानंद महाराज को नमन कर आशीर्वाद लिया।

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