चेन्नई, 22 फरवरी (आईएएनएस)। महामहम महोत्सव के अवसर पर सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं ने कुंबकोणम स्थित सरोवर में डुबकी लगाई। इस महोत्सव का आयोजन 12 वर्षो के अंतराल पर होता है।
चेन्नई से 300 किमी दूर तंजावुर जिले का कुंबकोणम मंदिरों के लिए प्रसिद्ध शहर है।
मंदिरों पर ध्वजारोहण के साथ महामहम महोत्सव का शुभारंभ 13 फरवरी को हुआ।
अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को तीन लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई।
उन्होंने कहा कि 13 फरवरी से अब तक करीब 40 लाख लोग महामहम सरोवर में डुबकी लगा चुके हैं।
किंवदंतियों के अनुसार, एक बार गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी, सरयू, नर्मदा, महानदी और गोदावरी जैसी पवित्र नदियां भगवान शिव के पास गईं और उनसे निवेदन किया वे उन पापों को धोना चाहती हैं जो लोगों उनके जल में स्नान कर छोड़े हैं।
तमिलनाडु हिन्दू धार्मिक एवं पुण्यार्थ निधि विभाग ने पौराणिक कथा के हवाले से कहा कि उनकी बातों को सुनकर भगवान शिव ने मनुष्यों के छोड़े पापों को धोने के लिए उन्हें महामहम सरोवर में स्नान करने को कहा।
इसलिए ऐसा माना जाता है कि आज के दिन महामहम सरोवर में सभी पवित्र नदियों का संगम होगा और इसमें स्नान करने से मनुष्य के सारे पाप धुल जाएंगे।
सरोवर में देश की पवित्र नदियों के नाम पर 20 कुएं भी बने हुए हैं।
महामहम सरोवर में स्नान करने से पहले श्रद्धालुओं को कावेरी नदी में डुबकी लगानी पड़ती है।
चूंकि कावेरी नदी और महामहम सरोवर में श्रद्धालु स्नान करते हैं इसलिए इस महोत्सव को महा कुंभ मेला के नाम से जाना जाता है।
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