नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता कन्हैया कुमार की जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय में मंगलवार को सुनवाई होगी। उन्हें राष्ट्रद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी जमानत याचिका पर सुबहर 10.30 बजे सुनवाई करेंगी।
इसे लेकर उच्च न्यायालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, क्योंकि इससे पहले पटियाला हाउस अदालत में जब कन्हैया कुमार को लाया गया था तो वकीलों द्वारा मारपीट व बदसलूकी और हिंसक घटनाएं हुई थीं।
निचली अदालत से दो मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद कन्हैया ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
कन्हैया के वकीलों ने इससे पहले सीधे सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने उन्हें उच्च न्यायालय जाने का निर्देश दिया और कहा कि उच्च न्यायालय को अनदेखी करना गलत चलन होगा।
इस याचिका में जमानत की मांग के अलावा कन्हैया कुमार ने सुरक्षा मुहैया कराने की भी अपील की है।
अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को लेकर कन्हैया कुमार ने 15 और 17 फरवरी को पटियाला हाउस में हुई हिंसक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह से उसके शारीरिक उत्पीड़न की अनुमति दी गई। यह साफ इशारा करता है कि न्याय पाने के उसके अधिकार को बाधा पहुंचाई गई है।
कन्हैया कुमार को राष्ट्रद्रोह के आरोप में जेएनयू में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी के खिलाफ आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 12 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था।
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