लंदन: ताबूत के अंदर मिले 3,000 पुराने फिंगरप्रिंट

उंगलियों के ये निशान मिस्त्र के एक प्राचीन कारीगर के माने जा रहे हैं।

‘बीबीसी’ ने संग्रहालय की मुख्य संरक्षिका जूली डॉसन के हवाले से कहा, “उंगलियों के निशान उन छोटी-छोटी जानकारियों में से हैं जो हमें प्राचीन कारीगर की जानकारी देते हैं।” उंगलियों के इन निशानों की पहचान सबसे पहले साल 2005 में फिट्जविलियम संग्रहालय के शोधार्थियों ने की थी, लेकिन इन्हें अब से पहले व्यापक रूप से प्रचारित नहीं किया गया था।

संभावना है कि महान पुजारी नेसपॉवरशेलिफ्ट के इस ताबूत पर उंगलियों के निशान उस वक्त पड़े होंगे, जब ताबूत को कारीगरों द्वारा रंगा जा रहा था।

ये ताबूत 1000 ईसा पूर्व से पहले या 20वीं तथा 21वीं वंश के बीच के हैं। इन ताबूतों को एक्स-रे और सीटी स्कैन सहित कई व्यापक परीक्षणों से गुजरना पड़ा।

यह प्रदर्शनी मंगलवार को शुरू हुई है। ‘डेथ ऑन द नील’ नामक इस प्रदर्शनी का उद्देश्य चार हजार साल पहले मिस्र ताबूतों की निर्माण प्रक्रिया को जानना है।

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