रायपुर/दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ पुलिस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी (आप) की नेता सोनी सोरी पर एसिड अटैक नहीं हुआ है, बल्कि उन पर काला रंग या ग्रीस फेंका गया था।
दंतेवाड़ा में आदिवासियों के कल्याण के लिए काम करने वाली सोनी सोरी पर असामाजिक तत्वों ने शनिवार को हमला किया था। उनका चेहरा बुरी तरह झुलस गया है। वह चेहरे में जलन व दर्द से परेशान हैं। सोनी इस समय दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं।
सोनी को रविवार की शाम दिल्ली लाया गया था। रविवार रात दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल सोनी को देखने अपोलो अस्पताल पहुंची थीं। सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ आईसीयू में जाकर सोनी को देखा और चिकित्सकों से उनका हाल जाना।
आप के प्रवक्ता दिलीप पांडे ने कहा कि सोनी ठीक से आंखें नहीं खोल पा रही हैं और बोल भी नहीं पा रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि उन्हें अस्पताल में दो तीन हफ्ते रखा जाएगा।
सोनी के भतीजे लिंगाराम कोपोडी का कहना है कि फरवरी के दूसरे हफ्ते में उनकी बुआ सोनी बस्तर रेंज के ‘विवादास्पद’ आईजी एसआरपी कल्लूरी के खलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने गई थीं। उन्हें बुरा-भला कहकर थाने से खदेड़ दिया गया।
पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने यहां बताया कि सोनी के चेहरे पर दर्द इसलिए हो रहा है, क्योंकि काले रंग के उस पदार्थ को जगदलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खरोंचा गया था। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है और सोरी पर हमला करने वाले अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए पूरी सक्रियता से सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस घटना में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। सोनी को शारीरिक पीड़ा पहुंचाना अपराध है, जो अत्यंत खेदजनक है। पुलिस इस घटना की तीव्र निंदा करती है। सोनी सोरी को किसी भी अन्य नागरिक की तरह अपने लिए संरक्षण पाने के सभी अधिकार हैं।
उधर, सोनी सोरी कहना है कि वह नक्सल-विरोधी अभियान के नाम पर आदिवासियों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं। इस कारण उनके कई दुश्मन हो गए हैं, उन्हें अब अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता है।
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