कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में जुटी बसपा

चार वर्षो से उत्तर प्रदेश की सत्ता से दूर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख अपनी सक्रियता बढ़ाने में जुटी है। इसके साथ-साथ पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का मनोबल बढ़ाने की राह भी चल पड़ी है। पार्टी के जोनल कोआर्डिनेटर पार्टी के निर्देश पर अपनी बैठकों में यह संदेश भी दे रहे हैं कि पार्टी के सक्रिय सदस्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

चार वर्षो से उत्तर प्रदेश की सत्ता से दूर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख अपनी सक्रियता बढ़ाने में जुटी है। इसके साथ-साथ पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का मनोबल बढ़ाने की राह भी चल पड़ी है। पार्टी के जोनल कोआर्डिनेटर पार्टी के निर्देश पर अपनी बैठकों में यह संदेश भी दे रहे हैं कि पार्टी के सक्रिय सदस्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

पार्टी की जिलों में हो रही बैठकों में कार्यकर्ताओं को यह संदेश देकर उनके उत्साह को बढ़ाया जा रहा है कि अगले वर्ष (2017) के चुनाव में उत्तर प्रदेश में बसपा की ही सरकार बनेगी।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में जनपद हाथरस के सादाबाद समेत पूरे प्रदेश के तमाम हिस्सों में हो रही कैडर की बैठकों में भी शामिल हुए पार्टी के क्षेत्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के नेताओं ने अपने संबोधन में यही संदेश दिया कि पार्टी में सक्रिय लोगों को पार्टी आगे बढ़ाने की दिशा में जुटी है।

बैठकों में पार्टी को मजबूत करने पर भी गंभीर रूप से विचार-विमर्श हो रहा है। बैठकों में शामिल होने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सभी पार्टी के निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने मंे जुटे हैं। ऐसे में यह बात तो साफ निकलकर सामने आती है कि सत्ता से पार्टी को दूर देख पार्टीजनों के मनोबल में कहीं न कहीं गिरावट आई है, जिसे पार्टी बढ़ाने में जुटी है।

इसके साथ-साथ पार्टी के शीर्ष नेता अपने नीचे स्तर तक पूरे विश्वास के साथ यह संदेश देने में जुटे हैं कि 2017 में उप्र में बसपा की सरकार ही बहुमत के साथ बनेगी।

पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती भी कई बार अपने बयानों से यह संदेश दे चुकी हैं कि उप्र की जनता वर्तमान सत्ताधारी दल से पूरी तरह से ऊब चुकी है। उप्र की बिगड़ी कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मायावती कई बार यह स्पष्ट कर चुकी हैं कि जनता आगामी विधानसभा चुनाव में अखिलेश सरकार को मजा चखाएगी।

यह अलग बात है कि माया को अपने पूर्व शासनकाल की गलतियों का अहसास भी उनके बयानों से साफ झलकता है। इसका जीता जागता उदाहरण यह भी है कि बसपा प्रमुख ने गत दिनों कहा कि अब बसपा अपनी अगली सरकार में सूबे की बिगड़ी कानून-व्यवस्था को सुधारने में अपना ध्यान लगाएगी, क्योंकि पार्टी दलित महापुरुषों के सम्मान में पार्को-स्मारकों के निर्माण का अपना काम पूरा कर चुकी है।

बसपा पदाधिकारियों की हो रही प्रदेश के कोने-कोने में बैठकों में हो रही चर्चाओं और दिए जा रहे संदेशों से यह स्पष्ट हो रहा है कि पार्टी नेतृत्व को इस बात का अहसास है कि पार्टी के सक्रिय सदस्यों को आगे लाना होगा और गिरते मनोबल को ऊंचा उठाना होगा।

बसपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व आगरा जोन के जोनल कोर्डिनेटर सुनील चित्तौड़ ने हाल ही में एक बैठक में कहा कि पार्टी में सक्रिय पदाधिकारियों को आगे बढ़ाया जाएगा। पार्टी को आगे बढ़ाने के विषय पर विचार-विमर्श के साथ-साथ उन्होंने वहां उपस्थित पार्टीजनों का मनोबल बढ़ाने के लिए यह भी कहा कि 2017 में उप्र में बसपा की ही सरकार बनेगी। (आईएएनएस/आईपीएन)

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