नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि कथित एयरसेल-मैक्सिस घोटाले की जांच महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है, हालांकि इस बारे में उन्होंने अधिक जानकारी नहीं दी। इस मामले में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के पुत्र कार्ती की कंपनी आरोपों के घेरे में है।
जेटली ने सरकार पर धीमी गति से जांच चलाने का आरोप लगाने वाले की आलोचना भी की। उन्होंने लोकसभा में कहा, “हम पर धीमी गति से जांच चलाने का आरोप सही नहीं है।”
किसी राजनीतिक बदले की भावना से इनकार करते हुए जेटली ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विपक्ष के रुख से प्रभावित नहीं है, जिसके कारण मंगलवार और बुधवार सुबह संसद की कार्यवाही बाधित हुई।
उन्होंने कहा, “चाहे कोई कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, दोषी पाए जाने पर उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है और कानून के मुताबिक कार्यवाही आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, “छापे के दौरान कई संदिग्ध चीजें बरामद की गईं।”
उन्होंने कहा कि पहले सभी विवरण अदालत में प्रस्तुत किए जाने चाहिए। इसके बाद सभी दस्तावेज सार्वजनिक होंगे।
उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तथा अन्य जांच एजेंसियों ने अन्य स्थानों के साथ खासकर चेन्नई में छापे मारे हैं।
अन्नाद्रमुक के सांसदों ने संसद में कार्ती के विरुद्ध मामला उठाते हुए एक अंग्रेजी दैनिक की प्रतियां बांटी है, जिसमें कहा गया है कि उनके ठिकानों पर ईडी और आयकर अधिकारियों द्वारा की गई जांच के मुताबिक उन्होंने दुनियाभर में रियल एस्टेट में निवेश किया है।
इस विषय पर संसद में हुए शोर-शराबे के बाद संसदीय मामलों के राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार पूर्व मंत्री और उनके बेटे के विरुद्ध की गई जांच पर बहस के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, “हम चिदंबरम की ज्ञात और अज्ञात संपत्तियों के मुद्दे पर बहस के लिए तैयार हैं। मंत्री भी अपना जवाब रखेंगे। हमारी राय यह है कि दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।”
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