सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रमों को रोकने की दिशा में यह कदम उठाया है।
उत्तर कोरिया द्वारा छह जनवरी को परमामु परीक्षण और सात फरवरी को उपग्रह प्रक्षेपण के बाद सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यीय देशों ने एकमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
सुरक्षा परिषद ने जारी एक बयान में उत्तर कोरिया के छह जनवरी को परमाणु परीक्षण और सात फरवरी को उपग्रह प्रक्षेपण की कड़े शब्दों में निंदा की।
परिषद ने उत्तर कोरिया से कड़े शब्दों में कहा कि उसे अपने सभी परमाणु हथियार और अन्य परमाणु कार्यक्रम बंद करने होंगे। इसके साथ ही भारी संख्या में क्षति पहुंचाने वाले हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को भी बंद करना होगा।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा बुधवार को स्वीकृत इस प्रस्ताव में उत्तर कोरिया के कोयला, लौह, लौह अयस्क, सोने, टाइटेनियम अयस्क, वैनाडियम अयस्क और अन्य दुर्लभ धातुओं सहित सभी निर्यातों पर प्रतिबंध शामिल है। इसके साथ ही उत्तर कोरिया में रॉकेट ईंधन सहित सभी तरह के विमानन ईंधन की आपूर्ति भी वर्जित है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने बुधवार को सुरक्षा परिषद के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया को अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का हर हाल में पालन करना होगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी संयुक्त राष्ट्र के इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को रोकने के लिए इसे दृढ़, संगठित और उचित प्रस्ताव बताया।
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