बयान के मुताबिक, प्रदूषण रोकथाम व नियंत्रण तथा प्रदूषण उत्सर्जन नियंत्रण विभाग को खत्म कर दिया जाएगा। योजना को सेंट्रल अथॉरिटी से फरवरी 2015 में ही मंजूरी मिल चुकी है।
मंत्रालय ने कहा कि यह कदम पर्यावरण संरक्षण व पर्यावरण गुणवत्ता के सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण है।
बयान में कहा गया है कि बीते सालों के दौरान शोध किया गया है और सारी तैयारियां पूरी हो जाने के बाद एक विस्तृत योजना पेश की जाएगी।
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