हरियाणा ने 1.28 लाख करोड़ के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए (राउंडअप)

गुड़गांव, 7 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यों को निवेश आकर्षित करने के लिए एक दूसरे से होड़ करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने सोमवार को कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक संघवाद के इस युग में राज्यों को ‘सुधार करना या मिट जाना’ होगा।

जेटली यहां दो दिवसीय ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मलेन’ के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस सम्मेलन के मेजबान हरियाणा ने विभिन्न कंपनियों के साथ निवेश के 32 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें कुल 1 लाख, 28 हजार 740 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

जेटली ने कहा कि भारत प्रतिस्पर्धात्मक संघवाद हो गया है। इसमें राज्य निवेश आकर्षित करने के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं।

उन्होंने कहा कि ‘सुधार या खत्म’ यह आज से अधिक सत्य और कभी नहीं हो सकता। यह राज्यों के बारे में है जो निवेश आकृष्ट करने के लिए एक दूसरे से होड़ कर रहे हैं।

जेटली ने कहा, जो सुधार नहीं कर रहे.. उन राज्यों की जनता घाटे में है और जो निवेशकों के लिए अधिक बेहतर अर्थव्यवस्था, व्यवसाय और राजनीति माहौल देने की स्थिति में हैं वे निश्चित रूप से लाभ पाने जा रहे हैं।

हरियाणा में हाल में हुए जाट आंदोलन के संदर्भ में जेटली ने कहा, “काले बादल अब समाप्त हो गए हैं।”

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उद्यमियों और संभावित निवेशकों को राज्य में निवेश करने पर सरकार द्वारा हरसंभव मदद देने और व्यापार में मदद का वादा किया।

उन्होंने प्रदेश के औद्योगीकरण के लिए प्रमुख आर्थिक नीतियों में सुधार का संकेत भी दिया।

खट्टर ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “मेरी सरकार आपको बिना हिचक हर संभव मदद का वादा करती है, भले ही इसके लिए सरकार को विशेष पहल ही क्यों न करनी पड़े। हम आने वाले दिनों में कुछ प्रमुख आर्थिक नीतियों में सुधार करने वाले हैं।”

पिछले साल 11 अगस्त को एंटरप्राइज प्रमोशन पॉलिसी की घोषणा की गई थी और 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया था।

उन्होंने कहा, “मुझे राज्य के मुख्य सचिव ने बताया कि इस लक्ष्य से 200 फीसदी ज्यादा निवेश प्राप्त हुआ है।”

खट्टर ने कहा कि उनकी सरकार ने फैक्ट्री कानून और मजदूरी भुगतान कानून में बदलाव का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों को आसानी के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने हरियाणा में भूमि उपयोग बदलने संबंधी कानून में सुधार, ई-बिज पोर्टल की शुरुआत और तीन स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली शुरू करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के भूभाग के महज 1.34 फीसदी हिस्सा और केवल 2.09 फीसदी आबादी होने के बावजूद हरियाणा देश के सकल घरेलू उत्पाद में 3.51 फीसदी और निर्यात में 4.2 फीसदी का योगदान करता है।

उन्होंने इस सम्मेलन में भाग लेने वाले 11 देशों चीन, क्रेज रिपब्लिक, जापान, मॉरिशस, मालाबी, न्यूजीलैंड, पेरू, दक्षिण कोरिया, स्पेन, ट्यूनीशिया, ब्रिटेन और कनाडा के ओंटारियो प्रांत के प्रतिनिधियों का आभार प्रकट किया।

उन्होंने कहा, “आने वाले विधानसभा सत्र में हम हरियाणा एंटरप्राइजेज विधेयक 2016 पारित करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने उद्यमियों और निवेशकों से इस विधेयक में सुधार के लिए सलाह देने को कहा।

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