इस्लामाबाद , 8 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान सरकार और सेना के शीर्ष नेतृत्व ने मंगलवार को देश से आतंकवाद को जड़ से खत्म कर देने का संकल्प लिया और देश की आंतरिक सुरक्षा की समीक्षा की।
सरकार ने यह कदम तब उठाया, जब एक दिन पहले ही एक अदालत में आतंकी आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें 17 लोगों की जान चली गई।
प्रधानमंत्री के आवास पर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अध्यक्षता में सेना और सरकार के शीर्ष अधिकारियों की बैठक हुई, इसमें शाबकादर में हुई कायरतापूर्ण आतंकी कार्रवाई की निंदा की गई। उस आतंकी वारदात में आम नागरिक और सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी।
एक बयान में कहा गया है, “बैठक में हमारी धरती से आतंकवाद का सफाया करने का राष्ट्रीय संकल्प लिया गया और आतंकवाद की बुराई से लड़ते हुए शहादत को गले लगाने वाले सुरक्षा एजेंसी के कर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई।”
बैठक के दौरान राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ, गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान, वित्तमंत्री इशाक डार और विदेश मामलों के प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल नासिर जांजुआ, इंटर सर्विस इंटेलीजेंस यानी आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रिजवान अख्तर, विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी और सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
यह बैठक खबर-पख्तूनख्वा प्रांत के छारसाद्दा जिले में एक दिन पहले हुए आत्मघाती हमले के बाद हुई है। उस बैठक में तीन पुलिसकर्मियों सहित 16 लोग मारे गए थे।
इस हमले के कुछ घंटे के अंदर ही तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से अलग हुए जमातुल अहरार गुट ने इस हमले को अंजाम देने की जिम्मेदारी ली थी। उसने कहा था कि यह पंजाब के गवर्नर सलमान तासीर के हत्यारे को फांसी देने का बदला है।
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