नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। महिला फाइटर पायलटों का पहला जत्था इस साल 18 जून को भारतीय वायुसेना में शामिल होगा। एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मंगलवार को यह जानकारी दी।
राहा ने एक विचार गोष्ठी में यहां कहा, “अब तक तीन महिला प्रशिक्षु पायलटों ने वायुसेना के लड़ाकू दस्ते में शामिल होने की इच्छा जताई है।”
उन्होंने कहा, “वे अपने प्रशिक्षण के दूसरे चरण में हैं। जब वे प्रशिक्षण पूरा कर लेंगी और उनका स्तर पुरुष पायलटों के समान हो जाएगा..पासिंग आउट परेड 18 जून को होनी है।”
कमीशन प्राप्त कर लेने के बाद ये तीन प्रशिक्षु महिलाएं भारत की पहली महिला फाइटर पायलट होंगी।
इसके बाद इन्हें उन्नत किस्म का विमान उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा और इन्हें नियमित लड़ाकू पायलटों के दस्ते में शामिल किया जाएगा।
वायुसेना के एक अधिकारी के मुताबिक, “इन तीनों महिला पायलटों को तेलंगाना के हाकिमपेट वायुसेना के अड्डे पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।”
सेना में शामिल होने के लिए 86 घंटे उड़ान की प्रशिक्षण अवधि में से ये 55 घंटे पूरी कर चुकी हैं।
आधिकारिक सूचना के अनुसार, “सशस्त्र बलों में महिलाएं बेहद कम हैं। भारतीय वायुसेना में करीब 1350 महिला अधिकारी हैं, जबकि थल सेना में 1300 और नौसेना में इनकी संख्या 450 है।”
भारत की 13 लाख की सेना में 59 हजार 400 अधिकारी हैं।
भारतीय वायुसेना ने पिछले साल नवंबर में कहा था कि जल्द ही महिला पायलटों को फाइटर पायलटों में शामिल किया जाएगा। इसे प्रायोगिक तौर पर पांच साल के लिए किया जाना है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर यह बात संसद में एक से अधिक मौकों पर कह चुके हैं।
भारतीय नौसेना भी अपने टोही विमानों के लिए महिला पायलटों को शामिल करने पर विचार कर रही है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बजट सत्र की शुरुआत में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा था कि भविष्य में सेना के सभी वर्गों के लड़ाकू दस्ते में महिलाओं को शामिल किया जाएगा।
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