नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। इशरत जहां मुठभेड़ मामले में संलिप्त गुजरात के पुलिस अधिकारियों पर से आपराधिक मुकदमा हटाने वाली जनहित याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। याचिका में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य डेविड हेडली के बयानों के आधार पर अदालत से मामले को हटाने की मांग की गई थी। बयान में हेडली ने कहा था कि इशरत लश्कर की सदस्य थी।
इस आशय की जनहित याचिका एम.एल. शर्मा ने शीर्ष अदालत में दायर की थी। न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष की पीठ ने याचिकाकर्ता शर्मा से कहा कि उन्हें इस मामले में उच्च न्यायालय में जाना चाहिए था। इस संबंध में पीठ ने कहा कि अदालत संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत कोई भी आदेश नहीं दे सकती है।
सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने याचिका खारिज होने के बाद इसे वापस लेने से संबंधित शर्मा की दलील को भी ठुकरा दिया। पीठ ने कहा कि उसे जो कहना था, वह कह दिया।
लेकिन, शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि हाल में हेडली के खुलासे के आलोक में जो लोग राहत पाने योग्य हैं, उनके मार्ग में शर्मा की खारिज याचिका आड़े नहीं आएगी। अदालत ने यह बात अतिरिक्त महाधिवक्ता तुषार मेहता की दलील पर कही।
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