प्रदर्शनकारियों ने देश के 200 से भी अधिक शहरों में रविवार को हाथों में तख्तियां, बैनर और बैलून लिए रैलियां निकालीं। इन पर ‘डिल्मा आउट, पीटी आउट’ लिखा था। इनका अभिप्राय राष्ट्रपति डिल्मा रॉसेफ और सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी से था।
ब्राजील के राष्ट्रीय ध्वज से मिलते-जुलते पीले और हरे रंग के कपड़े पहने इन प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के इस्तीफे और पूर्व राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डि सिल्वा की गिरफ्तारी की मांग की। डि सिल्वा पर मनी लांड्रिंग और संपत्ति छुपाने का आरोप है।
देश की राजधानी में करीब 50 हजार लोग नेशनल कांग्रेस की इमारत के पास जमा हुए और ‘डिल्मा आउट’ के नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के नियंत्रण वाले तेल और गैस के अर्धसरकारी निगम में कथित भ्रष्टचार, रिश्वतखोरी की जांच का जोरदार समर्थन किया।
पिछले हफ्ते सरकारी वकील ने लुला को एहतियात के तौर पर गिरफ्तार करने की मांग की थी, लेकिन मामले के प्रभारी न्यायाधीश को इस बारे में अभी फैसला देना है।
ब्राजील के कानून में एहतियातन गिरफ्तारी वह प्रावधान है जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब यह खतरा हो कि आरोपी भागने का प्रयास, सुबूतों से छेड़छाड़ या गवाहों को धमकाने का प्रयास करेगा।
राष्ट्रपति डिल्मा इस्तीफा देने से इनकार कर चुकी हैं। उन्होंने कहा था, “संविधान का उल्लंघन किया है, ऐसा कोई सबूत दिए बगैर कानूनी तरीके से चुने गए राष्ट्रपति से इस्तीफा मांगने का किसी को अधिकार नहीं है।”
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