काठमांडू, 15 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल दौरे पर आए भारत के विदेश सचिव एस. जयशंकर ने मंगलवार को नेपाल में राजनीतिक स्थायित्व पर जोर दिया। साथ ही हिमालय की गोद में बसे इस देश के राजनीतिक नेतृत्व दिए एक समान संदेश में कहा कि इस देश में किसी भी अस्थिरता का भारत पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
नेपाल के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के साथ मुलाकात में उन्होंने कहा कि भारत नेपाल को एक स्थिर एवं विकसित देश के रूप में देखना चाहता है। भारत पिछले सितंबर से शुरू हुए राजनीतिक गतिरोध का जल्द समाधान भी चाहता है।
यहां से करीब 200 किलोमीटर दूर पोखरा में आयोजित दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए जयशंकर यहां सोमवार की रात पहुंचे। उन्होंने यहां प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली, आंदोलनरत मधेसी नेताओं, नेपाली कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई से अलग-अलग मुलाकात की।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है, “जयशंकर ने कई मुद्दों पर बातचीत की। भारत ने कहा कि वह एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध नेपाल देखना चाहता है।” दोनों ने पिछले माह ओली के भारत दौरे के बाद हुई प्रगति पर भी विचार-विमर्श किया।
मधेसी नेताओं के साथ बातचीत में विदेश सचिव ने कहा कि वह उनकी मांगों को विचार करने के लिए ओली और देउबा के समक्ष रखेंगे। देउबा संसद की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष हैं।
आंदोलनकारी मधेसी नेताओं ने जयशंकर से कहा कि सरकार से बातचीत में कोई भी स्पष्ट प्रगति नहीं हुई है और जल्दी कोई राजनीतिक सहमति बनती नहीं दिखती है।
dharmpath.com dharmpath