ईयू नेताओं की बैठक गुरुवार और शुक्रवार को ब्रसेल्स में ईयू सम्मेलन में होनी है। इस बैठक में सात मार्च को तुर्की के साथ शरणार्थी नीति पर उठाए गए कदमों पर चर्चा होगी।
मर्केल ने बर्लिन में जर्मनी के सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल्कन मार्ग पर सीमाएं बंद होने से प्रवासियों के आगमन में हाल ही में कमी आई है, जिससे जर्मनी को लाभ हुआ है। मर्केल ने अपने देश को इस मुद्दे पर अधिक रियायत बरतने पर भी चेतावनी दी।
उन्होंने कहा, “जर्मनी और ईयू दोनों के लिए शरणार्थी संकट इस दशक की सबसे बड़ी चुनौती है।” मर्केल ने यूरोपीय देशों के बीच सीमाएं बंद करने की बजाय ईयू से मिलकर इस समस्या से निपटने की बात कही।
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