सैंटियागो, 18 मार्च (आईएएनएस)। चिली की कांग्रेस के निचले सदन ने गर्भपात पर से प्रतिबंध हटाने को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें दुष्कर्म, महिला के स्वास्थ्य को खतरा या भ्रूण का उचित विकास नहीं हो पाने की स्थिति में गर्भपात को मंजूरी दी गई है।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्ताव को गुरुवार को मंजूरी दी गई। इसके पक्ष में 66 मत पड़े, जबकि विपक्ष में 44 मत पड़े। हालांकि, अभी इस प्रस्ताव को कानून बनने के लिए सीनेट से मंजूरी आवश्यक है।
सरकार ने 14 महीने पहले इस विधेयक को पेश किया था। इसे कंजर्वेटिव पार्टी क्रिस्टीन डेमोक्रेट्स के कुछ सदस्यों का समर्थन मिला है।
चिली लैटिन अमेरिका के उन सात देशों में से एक है, जहां गर्भपात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा है। चिली में 1989 तक गर्भपात को मंजूरी थी।
लैटिन अमेरिका के अन्य देश, जहां गर्भपात पर प्रतिबंध हैं, उनमें अल सल्वाडोर, द डोमिनिकन गणराज्य, हैती, होंडुरास, निकारागुआ और सूरीनाम शामिल हैं।
सिर्फ क्यूबा, गुयाना, प्यूटरे रिको और उरुग्वे में यौन दुष्कर्म के अलावा व्यभिचार तथा महिला के स्वास्थ्य को खतरे के मद्देनजर गर्भपात को मंजूरी दी गई है।
2012 में उरुग्वे की संसद ने गर्भावस्था के शुरुआती 12 सप्ताह के दौरान गर्भपात को कानूनी मंजूरी दे दी थी।
मेक्सिको में सिर्फ मेक्सिको सिटी में ही गर्भावस्था के शुरुआती 12 सप्ताह के दौरान गर्भपात को कानूनी मंजूरी दी गई।
dharmpath.com dharmpath