अहमदाबाद । गुजरात सरकार के कृषि एवं जलसंसाधन मंत्री बाबूभाई बोखीरिया को स्थानीय अदालत ने 54 करोड़ की खनिज चोरी के आरोप में तीन साल की सजा सुनाई है। उनके तीन साथी कांग्रेस के पूर्व सांसद भरत ओडेदरा, लक्षमण ओडेदरा व माफिया भीमा दूला भी इस मामले में दोषी पाए गए हैं। अवैध खनन के 7 साल पुराने मामले में बोखीरिया को यह सजा मिली है, अदालत ने चारों आरोपियों को ऊपरी अदालत में अपील के लिए 7 दिन की सशर्त जमानत दी है।
पोरबंदर विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया को हराकर गुजरात विधानसभा पहुंचे बाबूभाई बोखीरिया सौराष्ट्र में भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते हैं। वर्ष 2006 में उनके सहित चार लोगों पर सवा सौ करोड़ के लाइम स्टोन के अवैध खनन का मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में पुलिस उन्हें एक बार पहले एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार कर चुकी है, जांच में पता चला कि चारों आरोपियों ने अवैध खनन के जरिए करीब 54 करोड़ के लाइम स्टोन की चोरी की है।
शनिवार सुबह पोरबंदर जिला अदालत परिसर में जेएमएफसी कोर्ट ने लाइम स्टोन चोरी के मामले पर फैसला सुनाते हुए गुजरात सरकार के मंत्री बोखीरिया, कांग्रेस के पूर्व सांसद भरत ओडेदरा, लक्षमण ओडेदरा व भीमा दूला को दोषी मानते हुए तीन – तीन साल की सजा सुनाई। क्रीमिनल प्रोसिजर कोड के प्रावधान के मुताबिक तीन साल तक की सजा के मामले में दोषियों को ऊपरी अदालत में अपील के लिए जमानत दी जा सकती है। बचावपक्ष के वकील की अर्जी पर अदालत ने चारों आरोपियों को 7 – 7 दिन की सशर्त जमानत पर छोड़ दिया। लाइम स्टोन चोरी मामले में दोषी पाए जाने व सजा सुनाए जाने के बाद बोखीरिया अब किसी भी समय मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं अथवा मुख्यमंत्री मोदी को उन्हें मंत्री पद से हटाना पड़ेगा।
कोडनानी व अमित शाह भी फंसे थे शिकंजे में
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे मंत्री कानूनी शिकंजे में फंसे हैं इससे पहले मोदी के तीसरे कार्यकाल में मंत्री रहे अमित शाह व डॉ मायाबेन कोडनानी भी कानून के हत्थे चढ़ चुकी हैं। महिला एवं बाल कल्याण राज्यमंत्री डॉ मायाबेन कोडनानी नरोडा पाटिया दंगा मामले में दोषी पाई गई थीं। अहमदाबाद की विशेष अदालत ने अगस्त 2011 में कोडनानी को 28 साल की सजा सुनाई थी। कोडनानी फिलहाल अहमदाबाद की साबरमती जेल में दंगों के अन्य दोषियों के साथ सजा काट रही हैं। इनके अलावा गृह राज्यमंत्री अमित शाह को सीबीआइ ने शोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में गिरफ्तार किया था। करीब तीन माह साबरमती जेल में रहने तथा दो साल से अधिक समय गुजरात से तड़ीपार रहने के बाद शाह को कानूनी बंदिश से छुटकारा मिला था।
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