नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) और छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर घटाने के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था सुस्ती से सामथ्र्य की तरफ बढ़ेगी।
जेटली ने यहां संवाददाताओं से कहा, “अब जबकि ब्याज दर घट गई है और देश की अर्थव्यव्यवस्था इन दिनों जिस दिशा में बढ़ रही है, उसे देखते हुए ऐसी स्थिति नहीं बनेगी, जिसमें बैंकों की ऋण घटती जाएगी और जमा दर अधिक रहेगी।”
उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को सक्षम बनाना है, सुस्त नहीं।
उन्होंने कहा, “देश को दोनों ही क्षेत्रों में कम ब्याज दर की तरफ बढ़ना है। इसी तरह पिछले कुछ महीने में सरकारी प्रतिभूतियों की दर भी घटी है।”
मंत्री ने कहा कि पहले ब्याज दर में साल में एक बार बदलाव होता था।
उन्होंने कहा कि अब ब्याज दर हर तिमाही घोषित होगी। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन भी इस फार्मूले पर काम कर रही थी।
उन्होंने कहा कि सरकारी प्रतिभूतियों की दर बाजार तय करती है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के इतर मौके पर जेटली ने कांग्रेस पर भी यह कहते हुए हमला किया कि उसने राज्यों में अपनी महत्वाकांक्षा घटा दी है।
उन्होंने कहा, “उसने अपनी महत्वाकांक्षा घटा दी है। वह बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में पिछले स्थान पर है।”
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को आगामी चुनावों में असम में निर्णायक जीत मिलेगी और केरल तथा पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में बढ़त मिलेगी।
उन्होंने कहा, “हमने असम में गठबंधन किया है। मुझे विश्वास है कि हमें निर्णायक जीत मिलेगी।”
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