कमजोर आंत से होता है मधुमेह, मोटापे का खतरा

न्यूयार्क, 21 मार्च (आईएएनएस)। खानपान में विविधता की कमी के कारण मनुष्य की आंतों में जीवाणुओं का पारिस्थितिकी तंत्र कमजोर हो जाता है, जिससे टाइप 2 मधुमेह और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। एक नए अध्ययन से यह जानकारी मिली है जिसमें लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने भोजन में विविध प्रकार के खाद्य पदार्थो को शामिल करें।

पिछले 50 सालों में खेती के तरीके में बदलाव के कारण कृषि विविधता कम हुई है जिसके नतीजे में हमारे खानपान में भी विविधता घट गई है।

यह शोध मोलेक्युलर मेटाबॉलिज्म जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

अमेरिका के बॉयोमेडिकल रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं के दल का कहना है, “एक स्वस्थ मनुष्य की आंत में विविध किस्म के जीवाणु पाए जाते हैं, लेकिन जीवाणुओं की विविधता में कमी आने से टाइप 2 मधुमेह, मोटापा और पेटदर्द जैसी बीमारियां बढ़ने लगती है। “

पेट में पाए जाने वाले जीवाणुओं का काम मुख्य रूप से पाचन में सहायता प्रदान करना है और खाए गए भोजन से विभिन्न किस्म के पोषण को प्राप्त करने मदद करना है। इन जीवाणुओं की विविधता में नुकसान के नतीजे कई किस्म को रोगों के रूप में सामने आ सकते हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि जितना ज्यादा विविधता से भरपूर हमारा भोजन होगा, उतनी ही विविधता हमारे आंत में स्थित जीवाणुओं में होगी।

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