हवाना, 22 मार्च (आईएएनएस)। क्यूबा दौरे पर पहुंचे अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके क्यूबा के समकक्ष राउल कास्त्रो में ग्वांतानामो खाड़ी में स्थित अमेरिकी कारागार और क्यूबा के राजनीतिक कैदियों सहित मानवाधिकार मुद्दों को लेकर तकरार दिखी।
राजधानी हवाना में सोमवार शाम एक ऐतिहासिक संवाददाता सम्मेलन के दौरान ओबामा व कास्त्रो ने इन मसलों पर गहरी असहमति की बात स्वीकारी। लेकिन दोनों ने क्यूबा आर्थिक व्यापार प्रतिबंध विषय पर एक साझा तर्क भी ढूंढ निकाला। इस प्रतिबंध से दोनों देश मुक्ति चाहते हैं।
समाचार चैनल ‘सीएनएन’ की रिपोर्ट के अनुसार, ओबामा ने घोषणा की कि व्यापार संबंधी प्रतिबंध खत्म होने जा रहा है, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ऐसा कब होगा।
कास्त्रो ने बाद में उन क्षेत्रों की एक सूची बताई, जिनमें उनके अनुसार, अमेरिका नाकाम रहा। उन्होंने मानवाधिकारों पर दूसरी बार सवाल-जवाब किए जाने के बाद सवाल-जवाब सत्र का यह कहते हुए समापन कर दिया कि ‘बस बहुत हो गया।’
वहीं, ओबामा ने अपने संदेश में क्यूबा आने के अपने फैसले का बचाव किया।
ओबामा से पूछा गया कि मानवाधिकार पर आपका क्या संदेश है? इसके जवाब में उन्होंने कहा, “हमारे बीच दशकों से गहरे मतभेद रहे हैं। मैंने राष्ट्रपति कास्त्रो से कहा कि हम आगे बढ़ रहे हैं और पीछे मुड़कर नहीं देख रहे हैं।”
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