अलीगढ़, 26 मार्च (आईएएनएस)। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के शिक्षकों ने विश्वविद्यालय परिसर में कानून एवं व्यवस्था खराब होने का आरोप लगाते हुए इस पर चिंता जताई। उन्होंने इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किए।
शिक्षकों ने अपने प्रस्ताव में कुलपति से स्थिति पर काबू पाने को कहा है, क्योंकि इससे विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हो रही है।
शिक्षक संघ ने कहा कि हाल की दो घटनाओं ने उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में असुरक्षा की भावना को लेकर डरा दिया है।
एएमयू शिक्षक संघ के सचिव एस. मुस्तफा जैदी ने कहा कि प्रस्ताव को कार्यकारिणी समिति ने सर्वसम्मति से पारित किया, जिसमें हाल की दो घटनाओं का जिक्र किया गया है।
शिक्षकों ने कहा, “एक निंदनीय घटना गोलीबारी की है, जिसमें एक एम.टेक. छात्र कलीम अहमद की आंखों की रोशनी चली गई। वह रेलवे इंजीनीयरिंग सेवा प्रतियोगिता परीक्षा में सफल हुआ था और नौकरी ज्वाइन करने वाला था।”
शिक्षकों ने प्रसताव में दूसरी घटना का जिक्र करते हुए कहा, “गलत पहचान की वजह से पुलिस ने परिसर से एक छात्र को पकड़ कर ले जाने की कोशिश की। यह दर्शाता है कि नागरिक प्रशासन और विश्वविद्यालय के बीच संबंध अच्छे नहीं हैं।”
शिक्षकों ने कहा कि सितम्बर 2015 में दिनदहाड़े एक छात्र आलमगीर की हत्या कर दी गई। इस घटना की उन लोगों ने सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी। लेकिन यह मामला अब तक लटका हुआ है।
कार्यकारिणी समिति ने कहा कि वह इन और इस तरह की घटनाओं की निंदा करती है। कार्यकारिणी एमयू के सर्वश्रेष्ठ होने के सभी दावों पर प्रश्नचिन्ह लगाने को मजबूर है, क्योंकि परिसर में छात्रों की जिंदगी, आजादी और सुरक्षा खतरे में है।
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