इस्लामाबाद, 28 मार्च (आईएएनएस)। लाहौर के एक पार्क में एक शक्तिशाली बम विस्फोट के एक दिन बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने सोमवार को आतंकवादियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया।
समाचार पत्र ‘द नेशन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सेनाध्यक्ष जनरल राहील शरीफ के आदेश के बाद यह अभियान शुरू किया गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मौजूदगी में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में अभियान शुरू करने का फैसला लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियां, पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना ने रविवार रात मुल्तान, फैसलाबाद और सियालकोट में पांच अभियानों का संचालन किया।
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने कई आतंकवादियों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है।
लाहौर के ‘गुलशन-ए-इकबाल’ पार्क में हुए हमले में कम से कम 72 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। इसमें 250 से अधिक लोग घायल भी हुए थे।
पाकिस्तान तालिबान से अलग हुए आतंकी संगठन ‘जमात उल अहरार’ ने हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने कहा कि उसने ईस्टर मना रहे ईसाईयों को निशाना बनाया था।
पार्क में रविवार को हुआ हमला, 16 दिसम्बर, 2014 को आर्मी पब्लिक स्कूल में हुए हमले के बाद सबसे घातक हमला था।
सैन्य प्रवक्ता असीम बाजवा ने ट्विटर के जरिए कहा, “हमें अपने बेगुनाह भाइयों, बहनों और बच्चों के कातिलों को न्याय के कटघरे में लाना ही होगा। हम इन वहशी दरिंदों को अपनी जिंदगी और स्वतंत्रता को कुचलने नहीं देंगे।”
अमेरिका में अल कायदा द्वारा 11 सितम्बर, 2001 को किए गए हमलों के बाद से पाकिस्तान, अमेरिका के नेतृत्व में इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ अभियान में शामिल हो गया था। तभी से पाकिस्तान आतंकवादी हिंसा की चपेट में आ गया है।
सुरक्षा बलों ने 2014 के हमले के बाद अभियान चलाकर सैकड़ों आतंकवादियों को मार गिराया है और गिरफ्तार किया है।
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों पर लंबे समय से अफगानिस्तान और भारत के खिलाफ आतंकवादियों को पालने-पोसने का आरोप लगता रहा है, लेकिन ‘पाकिस्तानी तालिबान’ जैसे कुछ संगठन अब उसी के खिलाफ हो गए हैं।
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