प्रदर्शनकारियांे ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेने पर उग्र आंदोलन का ऐलान किया। प्रदर्शन में कई संगठन शामिल रहे।
संविदा कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों चालक-परिचालक शुक्रवार को लक्ष्मण मैदान में एकजुट हुए। यहां से दोपहर करीब सवा दो बजे प्रदेश अध्यक्ष रामराज विश्वकर्मा के नेतृत्व में विधान भवन के ओर बढ़े।
पुलिस और आरपीएफ जवानों ने सभी को बंधे पर रोक लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में कहासुनी होने लगी। करीब दस मिनट तक चली बहसबाजी के बाद सभी ने गिरफ्तारी देकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
विश्वकर्मा ने कहा कि संविदा कर्मी लंबे समय से विनियमितीकरण की बांट जोह रहे हैं। लेकिर सरकार ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया।
महामंत्री योगेंद्र सिंह ने महानगर परिवहन सेवा में आंदोलित कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं लेने पर आंदोलन की बात कही। गिरफ्तारी देने वालों में दौरान संजय सिंह, कृपा शंकर, कमाल अहमद, कन्हैया आदि शमिल रहे।
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