न्यूयार्क, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। एक अमेरिकी-अरबी परिवार ने युनाइटेड एयरलाइंस पर उनके परिवार को ‘चिह्न्ति’ कर भेदभावपूर्ण तरीके से जबरदस्ती विमान से उतारने का आरोप लगाया है।
20 मार्च को एमाम-एमी शाद शेबले और उनके बच्चों को शिकागो से वाशिंगटन जा रहे विमान के क्रू सदस्यों में ‘विमान की सुरक्षा’ का हवाला देते हुए विमान से उतरने को कहा था। डेली मेल ने शनिवार को यह जानकारी दी।
फेसबुक पर साझा किए गए एक वीडियो में शिब्ले ने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाया गया, जिसका कारण कुछ और नहीं बल्कि उनका पहवावा हो सकता है।
दो अल्प अवधि के वीडियो में विमान के दो क्रू सदस्यों को शिब्ले और उनके पति के साथ बात करते हुए दिखाया गया है। पहले वीडियो एक महिला उन्हें विमान से उतरने को कहती नजर आ रही हैं।
जब शिब्ले के पति इसका कारण पूछते हैं, उसके बाद का दृश्य वीडियो में नहीं है।
वहीं, दूसरे वीडियो में विमान का कैप्टन आकर उन्हें कहता है कि उन्हें विमान से उतर जाना चाहिए, क्योंकि यह ‘उसका फैसला है।’
इससे पहले एक पोस्ट में शिब्ली ने लिखा, “युनाइटेड ने मुझे और मेरे बच्चों को जबरदस्ती विमान से उतार दिया! बिना किसी कारण के! कैप्टन ने कहा कि यह विमान की सुरक्षा के लिए है!.. यह गंभीर भेदभाव है। मैंने सबकुछ रिकार्ड कर लिया है। हमने उनसे ऐसा कुछ भी नहीं कहा जिससे विमान को खतरा हो।”
हालांकि युनाइटेड एयरलाइंस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि वे ‘भेदभाव के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हैं।’
इस मामले में अमेरिकन इस्लामिक संबंधों की परिषद के वकीलों ने इस परिवार की ओर से युनाइटेड एयरलाइंस को पत्र लिखकर मामले में शामिल कर्मी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
सीएआईआर-शिकागो के कार्यकारी निदेशक अहमद रेहाब ने कहा, “हम यह सुनकर थक चुके हैं कि फिजूल के कारणों से मुस्लिम परिवार को विमान से उतार दिया गया। खासकर विमान की सुरक्षा का हवाला देकर। सुरक्षा का मतलब यात्रियों की सुरक्षा है, न की उन्हें परेशान करना और अपमानजनक ढंग से विमान से उतार देना।”
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