नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की वर्तमान वित्त वर्ष की प्रथम दोमाही मौद्रिक नीति समीक्षा के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं :
– रेपो दर 25 आधार अंकों की कटौती के साथ 6.75 फीसदी से घटाकर 6.5 फीसदी की गई।
– नकदी आरक्षित अनुपात (सीआरआर) चार फीसदी बरकरार। यह बैंकों की जमा पूंजी का वह न्यूनतम अनुपात है, जो बैंकों के लिए अपने पास रखना जरूरी होता है।
– सीआरआर का न्यूनतम दैनिक संरक्षण 95 फीसदी से घटाकर 90 फीसदी किया गया।
– रिवर्स रेपो दर 5.75 फीसदी से बढ़ाकर छह फीसदी की गई।
– 2016-17 के लिए देश की विकास दर का पूर्वानुमान 7.6 फीसदी।
– 2016-17 में उपभोक्ता महंगाई दर घटकर करीब पांच फीसदी।
– सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) दर सात फीसदी रखी गई।
– रेपो और रिवर्स दर का फासला 100 आधार अंकों से घटाकर 50 आधार अंक किया गया।
– सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) दो अप्रैल से 21.25 फीसदी। इससे उस राशि का पता चलता है, जितने मूल्य की निर्दिष्ट प्रतिभूतियां बैंकों को निश्चित रूप से रखनी होती हैं।
– सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से महंगाई दर बढ़ने की संभावना।
– दूसरी दोमाही मौद्रिक नीति समीक्षा सात जून को।
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