चयापचय को प्रभावित करती है बॉडी क्लॉक

लंदन, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। गुर्दे में स्थित बॉडी क्लॉक शरीर के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक नए शोध में यह जानकारी सामने आई है।

लंदन, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। गुर्दे में स्थित बॉडी क्लॉक शरीर के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक नए शोध में यह जानकारी सामने आई है।

सिरकैडियन क्लॉक को आम भाषा में बायोलॉजिकल या बॉडी क्लॉक भी कहा जाता है। यह पृथ्वी के प्रकाश और अंधेरे के चक्र पर आधारित दैनिक लय का पालन करने में शरीर की कोशिकाओं, ऊतकों, अंगों तथा समस्त जीवों की मदद करती है।

निष्कर्षो से पता चलता है कि गुर्दे की बॉडी क्लॉक की वजह से आए दैनिक उतार-चढ़ाव शरीर में रक्त के पदार्थो अमीनो एसिड्स और लिपिड्स के स्तर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

खासकर चिकित्साधीन व्यक्तियों में गुर्दे की बॉडी क्लॉक दवाओं के उन्मूलन को भी नियंत्रित करती है। यह दवा की क्रियाशीलता की अवधि और चिकित्सा की प्रभावशीलता पर भी असर डालती है।

यह शोध ‘जर्नल ऑफ द अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

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