नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इंफोसिस की कल्याणकारी इकाई इंफोसिस फाउंडेशन ने शुक्रवार को इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफरेमेशन टेक्नॉलजी (आईआईआईटी) को अपने दिल्ली के ओखला परिसर में इंफोसिस सेंटर ऑर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस स्थापित करने के लिए अगले तीन सालों में 24 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया।
शुरुआत में इस केंद्र की अध्यक्षता रोबोटिक्स और अनमैन्ड एरियल वेहिकल्स (यूएवी) के विशेषज्ञ डॉ. श्रीकांत सरीपाल्ली करेंगे जो फिलहाल अध्ययन प्रोत्साहन अवकाश पर आईआईआईटी दिल्ली में हैं। संस्थान के कई अन्य फैकल्टी सदस्य भी इस केंद्र से जुड़ेंगे और इसमें पीएचडी शोधार्थी, पोस्ट डॉक्टोरल, छात्र और विजिटिंग शोधार्थी शोध कर सकेंगे।
इस बारे में इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति ने कहा, “अनुसंधान हमारी राष्ट्रीय वैज्ञानिक प्रगति की रीढ़ है और यही हमारी सामूहिक आकांक्षा है। अनुसंधान के लिए समय और प्रयास में निवेश की आवश्यकता है। यह केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में शोध को बढ़ावा देगा। इससे हमारे समाज को काफी लाभ होगा। हम यहां छात्रों और शिक्षकों को प्रशिक्षण भी मुहैया कराएंगे।”
इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण राव ने कहा, “इंफोसिस का मानना है कि ऑटोमेशन और आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस में भविष्य को बदलने की क्षमता है। इस सेंटर के माध्यम से हम भारत में शिक्षा और शोध को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं।”
इंफोसिस सेंटर ऑर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रमुख डॉ. श्रीकांत सरीपल्ली ने कहा, “इंफोसिस और सरकार के साथ मिलकर अधिक उन्नत उपकरणों और प्रौद्योगिकियों के विकास पर काम करेंगे।”
आईआईआईटी दिल्ली के निदेशक डॉ. पंकज जालोटे ने बताया, “हम बहुत खुश है कि इंफोसिस ने यह केंद्र स्थापित करने के लिए हमें वित्तीय मदद मुहैया कराई है। भारत में शिक्षाविदों और उद्योगों के बीच संबंध मजबूत करने की जरूरत है। खासतौर पर तब जब नवाचार, अनुसंधान व विकास की बेहद आवश्यकता है।”
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