कोलकाता, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दूसरे हिस्से के तहत सोमवार को हो रहे मतदान में दोपहर एक बजे तक चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद करीब 60 फीसदी मतदान हुआ है। हालांकि राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा की कुछ घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जो राज्य में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के दावों को खारिज करते हैं।
कोलकाता, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दूसरे हिस्से के तहत सोमवार को हो रहे मतदान में दोपहर एक बजे तक चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद करीब 60 फीसदी मतदान हुआ है। हालांकि राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा की कुछ घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जो राज्य में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के दावों को खारिज करते हैं।
पहले चरण के दूसरे हिस्से के तहत यहां तीन जिले के 31 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया। इनमें से 13 निर्वाचन क्षेत्र पश्चिमी मिदनापुर और नौ-नौ बांकुरा और बर्दवान जिलों में हैं। राज्य में विधानसभा की 294 सीटें हैं।
विपक्षी पार्टियों ने राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर हिसा फैलाने का आरोप लगाया है।
वहीं, कुछ लोगों ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव तथा नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार सूर्यकांत मिश्रा के खिलाफ कुछ बूथों पर प्रदर्शन किया। उनके खिलाफ ये प्रदर्शन उस वक्त किए गए, जब वह चुनावी धांधलियों की शिकायत मिलने के बाद बूथों का दौरा करने पहुंचे थे। बताया जाता है कि ये प्रदर्शनकारी तृणमूल के कार्यकर्ता थे।
राज्य में चिलचिलाती धूप व गर्मी पड़ रही है, जिससे एक निर्वाचन अधिकारी की जान जाने की सूचना है। बर्दवान जिले के पांडवेश्वर में बूथ संख्या 295 पर परिमल बरुई की बेहोशी के बाद मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि लू के कारण उनकी मौत हुई।
निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया, “सुबह सात बजे शुरू हुए मतदान में दोपहर एक बजे तक मतदाताओं ने 59.78 प्रतिशत वोट डाले। पश्चिम मिदनापुर जिले में 65 प्रतिशत, बांकुरा जिले में 57.60 प्रतिशत और बर्दवान जिले में 56.74 प्रतिशत वोट पड़े।”
निर्वाचन आयोग को तीनों जिलों से 1,100 से अधिक शिकायतें मिली हैं। इसमें डराने-धमकाने, हिंसा और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ियों की शिकायत शामिल है।
अधिकारी ने बताया, “इनमें से करीब 950 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया है। अधिकांश शिकायतें निराधार पाई गईं। हम सभी पहलुओं पर ध्यान दे रहे हैं।”
वहीं, माकपा नेता मिश्रा ने तीनों जिलों में हिसा के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा, “जमुरिया, पांडवेश्वर तथा रानीगंज (बर्दवान), पत्रासायेर (बांकुरा) और केशपुर तथा गरबेटा (पश्चिम मिदनापुर) में हिंसा की घटनाएं हुई हैं। लेकिन लोग इन सबसे डरे नहीं हैं।”
उन्होंने यह भी कहा, “मेरा पुलिस या प्रशासन में विश्वास नहीं है, लेकिन निर्वाचन आयोग तथा राज्य के लोगों पर पूरा भरोसा है।”
हिंसा की कई घटनाओं की रिपोर्ट मिल रही है, जिसके आधार पर वाम मोर्चा, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का आरोप है कि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रहे हैं।
बर्दवान जिले के आसनसोल स्थित जमुरिया में एक मतदान केंद्र के नजदीक से कच्चे बमों से भरा एक बैग बरामद किया गया।
वहीं, पश्चिम मिदनापुर जिले के चंद्रकोना में एक मतदान केंद्र पर हमले के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एजेंट को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
कांग्रेस नेता मानस भुइयां ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ‘गुंडे’ पिछली रात से ही मतदाताओं और पार्टी के चुनाव एजेंटों को डरा-धमका रहे हैं।
बांकुरा के सोनामुखी में तनाव का माहौल है। यहां माकपा के एक एजेंट पर हमला किया गया। यहां हथियारों, बांस और बेंत के साथ नकाबपोशों को घूमते हुए देखा गया।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि कई मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षाबल के जवान नदारद थे।
वहीं, बांकुरा के बरजोरा से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और बंगाली अभिनेता सोहम चक्रबर्ती का कहना है कि उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने मतदान केंद्र में जाने से रोका।
सोहम ने कहा, “मैं यहां से उम्मीदवार हूं। पहचान पत्र होने के बावजूद मुझे बिना कारण के अंदर जाने से रोका गया। मैंने इसके बारे में पार्टी नेतृत्व को अवगत करा दिया है।”
चुनाव में लगभग 70 लाख (69,79,788) मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए योग्य हैं। इनमें 33,68,311 महिलाएं हैं, जबकि 163 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
पहले चरण के पहले हिस्से के तहत चार अप्रैल को 18 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले गए थे। इनमें से छह पश्चिम मिदनापुर में, नौ पुरुलिया में और तीन बांकुरा में थे।
राज्य में बाकी चरणों में मतदान 17, 21, 25, 30 अप्रैल और पांच मई को होंगे।
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