चीन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री वांग गांग ने बर्लिन में कहा, “चीन व जर्मनी के बीच विज्ञान व प्रौद्योगिकी सहयोग का ठोस आधार है और भविष्य में असीम क्षमता छिपी है।”
चौथे चीन-जर्मनी नवाचार सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि नवाचार ने दोनों देशों के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जर्मनी का एशिया में चीन सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि चीन ने जर्मनी की आधी से अधिक शोध व विकास कंपनियों को अपने क्षेत्र में शोध व विकास केंद्र की स्थापना के लिए आकर्षित किया है।
दोनों देशों के वैज्ञानिक व शोधकर्ता स्वच्छ ऊर्जा, ई-मोबिलिटी, स्मार्ट विनिर्माण तथा भविष्य विज्ञान की परियोजनाओं में एक दूसरे को सहयोग कर रहे हैं।
वान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सहयोग में इजाफा होगा। दोनों सरकारों को द्विपक्षीय संचार व संयुक्त शोध में कंपनियों व संस्थानों का समर्थन करना जारी रखना चाहिए।
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