ब्रुकलिन बहस में कई मुद्दों पर उलझे सैंडर्स और हिलेरी

न्यूयार्क, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी में उम्मीदवारी की दौड़ में आगे चल रहीं हिलेरी क्लिंटन और उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी बर्नी सैंडर्स के बीच न्यूयार्क के ब्रुकलिन में गुरुवार रात अंतिम बहस हुई, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।

इस बहस की मेजबानी टेलीविजन चैनल ‘सीएनएन’ और ‘एनवाई1 न्यूज’ ने की, जो 19 अप्रैल को न्यूयार्क में होने वाले बेहद खास प्राइमरी से ठीक पहले हुई है।

‘सीएनएन’ की रिपोर्ट के अनुसार, बहस की शुरुआत सैंडर्स ने की, जिन्होंने हिलेरी में उस निर्णायक क्षमता के अभाव का आरोप लगाया, जो राष्ट्रपति के लिए आवश्यक है।

लेकिन, कर जमा नहीं करने के मुद्दे पर सैंडर्स बचाव की मुद्रा में नजर आए और कहा कि वह शुक्रवार तक वह इसे जमा करा देंगे।

हिलेरी पैसे लेकर बड़े बैंकों में भाषण देने के मुद्दे पर चर्चा के केंद्र में रहीं। बहस का संचालन कर रहे ‘सीएनएन’ के मध्यस्थों ने जब इसकी लिखित प्रतिलिपि जारी करने के लिए कहा तो हिलेरी ने इससे साफ मना कर दिया। इसके बजाय उन्होंने ‘न्यूयार्क डेली न्यूज’ को दिए सैंडर्स के साक्षात्कार में उद्धृत उनकी कुछ प्रमुख नीतियों को आधार बनाकर उन पर हमले किए।

हिलेरी और सैंडर्स के बीच बहस कई बार बेहद तीखी हो गई, जिसके कारण मध्यस्थों को दखल देना पड़ा।

हिलेरी ने सैंडर्स से पूछा कि वह ऐसी एक भी बात बता दें जो साबित करती हो कि बतौर सीनेटर उन्होंने बैंकों का पक्ष लिया हो। सैंडर्स ने जवाब में कहा कि ‘वाल स्ट्रीट के लालची, बेपरवाह तथा अवैध व्यवहार’ के कारण जब वित्तीय संकट की स्थिति पैदा हुई तो उन्होंने बड़े बैंकों को विभाजित करने का प्रस्ताव रखा था जबकि हिलेरी ‘गोल्डमैन सैश में भाषण देने में व्यस्त थीं।’

इस पर हिलेरी ने कहा, “वह कोई उदाहरण नहीं दे सकते, क्योंकि कोई उदाहरण है ही नहीं..यह हमेशा महत्वपूर्ण रहा है, यह असुविधाजनक हो सकता है, लेकिन यह हमेशा महत्वपूर्ण रहा है कि तथ्य सीधे और साफ तरीके से रखे जाएं।”

शस्त्र नियंत्रण के मुद्दे पर भी दोनों में तनातनी दिखी। अपने पूरे अभियान के दौरान हिलेरी ने शस्त्र नियंत्रण पर कांग्रेस में सैंडर्स के रुख की आलोचना की। गुरुवार रात बहस के दौरान भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया।

जब हिलेरी से पूछा गया कि क्या उन्होंने हालिया बयान में न्यूयार्क की बंदूक हिंसा के लिए वरमॉन्ट (अमेरिकी राज्य जहां से सैंडर्स सीनेटर हैं) को जिम्मेदार ठहराया तो उन्होंने कहा, ‘नहीं।’ इसके बाद सैंडर्स हंसने लगे, जिस पर हिलेरी ने कहा, “यह हंसने की बात नहीं है। रोजाना करीब 90 लोग बंदूक हिंसा में मारे जाते हैं, जबकि हर साल करीब 33,000 लोगों की मौत इससे हो जाती है।”

हिलेरी ने कहा, “हमें एक ऐसे राष्ट्रपति की आवश्यकता है, जो बंदूक लॉबी के खिलाफ खड़ा हो सके।”

आय असमानता के मुद्दे पर भी बहस तीखी होती दिखी, खासकर न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के मुद्दे पर। बहस के दौरान जब हिलेरी ने प्रतिघंटा मजदूरी दर 15 डॉलर बढ़ाने के प्रयास को समर्थन देने की बात कही तो सैंडर्स ने इस पर हैरानी जताई। सैंडर्स के मुख्य चुनावी वादों में से न्यूनतम मजदूरी बढ़ाना शामिल है।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता आप किस तरह मजदूरी दर प्रतिघंटा 15 डॉलर करने का समर्थन कर रही हैं, जबकि आपका कहना है कि आप इसे न्यूनतम 12 डॉलर रखना चाहती हैं।”

इस पर हिलेरी ने स्पष्ट किया कि हालांकि वह न्यूनतम मजदूरी दर 12 डॉलर प्रतिघंटा रखने के पक्ष में हैं, लेकिन यदि उनके पास इसे बढ़ाकर 15 डॉलर प्रतिघंटा करने के लिए प्रस्ताव लाया जाता है तो वह इस पर हस्ताक्षर करेंगी।

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