इन काली चींटियों की लंबाई 1.5 से 2 सेंटीमीटर है और इसे टेस्ट ट्यूब में पानी भरकर उसमें रखकर लाया गया था। इनमें से तीन की पहचान रानी चींटियों के रूप में हुई है जिसकी लंबाई 3 सेंटीमीटर तक है। रानी मक्खियों के ट्यूब से अंडों से निकली छोटी चींटियां भी पाई गई हैं।
नबंवर 2015 में चेंगदू के कस्टम अधिकारियों ने 1,000 से ज्यादा जिंदा चीटियां पकड़ी थीं और वे भी जर्मनी से ही भेजी गई थी।
बड़ी चींटियों को सामान्यत: पालतू बनाकर रखा जाता है। जबकि चीन में गैर देशीय चींटियों का कोई प्राकृतिक शिकारी नहीं है, जिससे यहां का पर्यावरण बिगड़ने का खतरा है।
चीन में खतरनाक प्रजातियों का आयात बढ़ गया है। हेनान प्रांत के क्वारेंटाइन ब्यूरो ने शनिवार को बताया कि इस प्रांत में अब तक गैर देशीय पौधों और जानवरों की 707 खेप पकड़ी गई है जिनमें 68 अलग-अलग प्रजातियां थीं। इस साल इसमें 219.9 फीसदी की वृद्धि देखी गई है जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 23.6 फीसदी अधिक है।
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