न्यूयार्क, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने समृद्ध देशों में बढ़ती संरक्षणवादी प्रवृत्ति पर चिंता जताई है और वैश्विक आर्थिक हालात को निराशाजनक बताया है।
जेटली ने यहां एशिया सोसाइटी में अपने संबोधन में कहा, “विकासशील देशों का संरक्षणवाद उतना चिंताजनक नहीं है, जितना विकसित देशों का संरक्षणवाद, जहां संरक्षणवाद की अधिक आलोचना हो रही है।”
उन्होंने कहा, “यदि आप मुझ से वैश्विक अर्थव्यवस्था का हाल पूछेंगे, तो मैं कहूंगा यह निराशाजनक है। अगले एक-दो साल के बारे में भरोसे के साथ कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।”
जेटली ने साथ ही कहा कि इस वैश्विक स्थिति में भी भारत का प्रदर्शन बुरा नहीं है। जब दुनिया में 1-2 फीसदी विकास दर को अच्छा समझा जा रहा है, तब भारत की विकास दर करीब 7.5 फीसदी है।
उन्होंने कहा, “वैश्विक मानक के लिहाज से भारत काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन तेजी से विकास करने, गरीबी मिटाने की और एक विकसित देश बनने की हमारी अपनी उम्मीद के हिसाब से हम और अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।”
मंत्री ने कहा, “व्यापार के संदर्भ में दूसरे देशों के साथ व्यवहार करने में भारत का आत्मविश्वास पहले से काफी अधिक बढ़ा है। अब हम एक बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं और दूसरे देशों के साथ सकारात्मक नजरिए से बात कर रहे हैं।”
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