जरूशलम की जिला अदालत ने योसेफ हैम बेन डेविड (30) को एक 16 साल के फिलिस्तीनी किशोर मोहम्मद अबू खदीर का जरूशलम के शुआफत से अपहरण करने और उसे शहर से बाहर एक जंगल में ले जाकर हत्या करने का दोषी करार दिया है। उसका अपहरण उस वक्त हुआ था जब वह सुबह की नमाज पढ़ने मस्जिद जा रहा था।
गत नवंबर में 16 और 17 साल की उम्र के दो इजरायलियों को हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया गया था और बाद में उनकी सजा को 21 साल जेल और उम्रकैद में बदल दिया गया था।
30 वर्षीय बेन डेविड ने जांच के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया था, लेकिन उसने पागलपन याचिका दायर की थी, जिसके बाद उसकी सजा टाल दी गई थी। मंगलवार को तीन जजों की खंडपीठ ने उसकी याचिका खारिज कर दी। जरूशलम के जिला मनोचिकित्सक ने उसका परीक्षण करने के बाद पाया कि वह पागलपन का नाटक कर रहा है।
अबू खदीर के पिता ने इस फैसले के बाद हेब्रूवाला न्यूज साइट को बताया, “हम शुरुआत से ही जानते थे कि वह पागल नहीं, झूठा है। उसने हमें बहुत दुख पहुंचाया है। जब भी हम उसे देखते हैं, हमारा खून खौलता है।”
हत्यारे ने मामले की तफ्तीश के दौरान कहा था कि उसने फिलिस्तीनी किशोर की इसलिए हत्या की थी, क्योंकि वह कुछ ही दिन पहले हुई तीन इजरायली किशोरों की हत्या का बदला लेना चाहता था।
इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और जरूशलम में दंगे शुरू हो गए थे। इसके साथ ही कई अन्य अरब देशों में भी इजरायल के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए थे।
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