इलाहाबाद, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की संगम-नगरी में दूर-दराज से आने वाले पर्यटक अब संगम में बोटिंग का लुत्फ ले सकेंगे। इसके लिए इलाहाबाद जिला प्रशासन ने खाका तैयार कर लिया है। संगम क्षेत्र में चलने वाली नावों का किराया तय किया जाएगा और उसकी बुकिंग कंप्यूटराइज्ड होगी।
जिलाधिकारी संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। कहा गया कि संगम स्नान, देव दर्शन और अन्य धार्मिक कार्यो के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों व पर्यटकों की सुविधा के लिए यह कदम उठाया गया है।
संजय कुमार ने कहा कि संगम तट पर मनमाने ढंग से किराया वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए नावों की बुकिंग अब कम्प्यूटर के जरिए काउंटर से होगी।
उन्होंने कहा कि गंगा-यमुना में चलने वाली सभी नावों का रजिस्ट्रेशन 30 अप्रैल तक जरूरी होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी नाव नहीं चलने दी जाएगी। 30 अप्रैल तक सभी का रजिस्ट्रेशन कराने की जिम्मेदारी अपर नगर मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है।
जिलाधिकारी की ओर से कहा गया है कि नावों की बुकिंग के लिए कम्प्यूटराइज्ड काउंटर 30 अप्रैल तक बना दिए जाएं। सभी नावों पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित रहेगा और नावों की कोडिंग की जाएगी। नावों में यात्रियों की क्षमता का उल्लेख होगा और उसके अनुसार नाव में उतनी ही लाइफ जैकेट रखना अनिवार्य होगा।
डीएम ने नावों का किराया निर्धारित करने के लिए एक समिति गठित की है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ नाविक संघ के लोग शामिल होंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि रजिस्ट्रेशन और बुकिंग से आने वाला धन तीन हिस्सों में खर्च होगा। प्रथम नाविकों के भुगतान के लिए, दूसरा-प्रशासनिक व्यवस्थाओं के खर्च के लिए और तीसरा नाविकों के कल्याण के लिए एक कोष की स्थापना की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नावों की बुकिंग के लिए दो काउंटर खोले जाएंगे। पहला काउंटर पुलिस चौकी के पास तथा दूसरा जल पुलिस चौकी के पास खोला जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि रोटेशन के आधार पर क्रमवार नाव की बुकिंग की जाएगी।
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