समाचार एजेंसी सिन्हुआ की खबर के अनुसार 10वीं मजलिस (संसद) के चुनाव का दूसरा दौर 29 अप्रैल को संपन्न होगा। इसमें शेष बची 69 सीटों के लिए सांसद चुने जाएंगे।
पहले दौर का चुनाव 26 फरवरी को हुआ था और कुल 290 सीटों में से 221 सीटें उसके जरिए भरी गईं। बाकी 69 सीटें 138 उम्मीदवारों के बीच ‘रन ऑफ’ यानी निर्णायक मुकाबले से भरी जाएंगी।
पहले दौर में किसी भी प्रत्याशी को 50 फीसदी मत नहीं मिलने के बाद सर्वाधिक मत पाने वाले दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होता है जिसे ‘रन-ऑफ’ के नाम से जाना जाता है। इन दोनों में 50 फीसदी से अधिक मत पाने वाला विजेता होता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ईरान में हाल में हुए संसदीय चुनाव में सुधारवादियों एवं नरमपंथियों को बढ़त मिली लेकिन किसी भी बड़े राजनीतिक गुट को पहले चरण में बहुमत हासिल नहीं हुआ।
राजधानी तेहरान में संसद की सभी 30 सीटें सुधारवादियों एवं उदारवादियों के खाते में गईं।
वर्ष 2012 के मार्च में हुए मजलिस के नौवें चुनाव में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला सैयद अली खामनेई के वफादारों को जीत मिली थी। उन्होंने पहले चरण के मतदान में ही करीब 75 फीसदी सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था।
इससे पहले गृह मंत्री अब्दुलरजा रहमानी फजली ने मतदाताओं की भागीदारी के बारे में कहा कि करीब 5.5 करोड़ मतदाताओं में से राजधानी के करीब 50 फीसदी और देश भर के करीब 62 फीसदी मतदाताओं ने पहले चरण के मतदान में हिस्सा लिया था।
वर्ष 2012 के संसदीय चुनाव के पहले चरण में करीब 4.8 करोड़ मतदाताओं में से 64 फीसदी ने हिस्सा लिया था।
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