व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में कहा गया कि ओबामा ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ अभियान तेज करने का स्वागत किया और आतंकवादी समूहों के खिलाफ बने गठबंधन में सऊदी अरब की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
दोनों नेताओं ने इसके अलावा सीरिया, यमन और इराक में चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष और ईरान से उत्पन्न चुनौतियों पर बातचीत की।
तेल से भरपूर खाड़ी देश में ओबामा के राष्ट्रपति के रूप में यह चौथी और संभवत: आखिरी यात्रा है।
सऊदी राजशाही को मध्य पूर्व में अमेरिका के सबसे खास रणनीतिक सहयोगी के रूप में देखा जाता है। लेकिन, अमेरिका और ईरान के बीच पिछले साल हुए परमाणु समझौते के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध बिगड़ गए हैं।
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