रूस के राष्ट्रपति के साथ नेतन्याहू सीरिया के हालात तथा रूस द्वारा ईरान को हथियार की बिक्री के मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
बीते छह महीने के दौरान, दोनों नेता तीसरी बार मिल रहे हैं। सीरियाई क्षेत्र के आसपास दोनों देशों की कार्रवाई में समन्वय को लेकर इजरायल तथा रूस के सैन्य अधिकारी पिछले कुह महीनों के दौरान कई बार मुलाकात कर चुके हैं।
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, दोनों देश सीरिया के पड़ोस में इजरायली तथा बाकी बचे रूसी सुरक्षा बलों के बीच समन्वय को लेकर बातचीत करेंगे, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके और सीरिया में संघर्ष विराम का प्रयास बरकरार रहे।
नेतन्याहू ने कहा था कि सीरिया में किसी भी तरह के संघर्ष विराम के बाद इजरायल अपने सुरक्षा संबंधी हितों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचने देना चाहता, क्योंकि इस बात का डर है कि आतंकवादी इजरायल की सीमा के निकट मौजूद हैं।
रूस द्वारा ईरान को सतह से हवा में मार करने वाली एस-300 मिसाइल प्रणाली की बिक्री पर भी चर्चा हो सकती है।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के लिए ईरान अहम खतरा है और वह ईरान तथा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के बीच जुलाई में किए गए परमाणु समझौते का विरोध करता है।
क्रेमलिन द्वारा अधिकांश रूसी सैनिकों को सीरिया से वापस बुलाने की घोषणा के कई दिनों बाद इजरायल के राष्ट्रपति रियूवेन रिवलिन के पिछले महीने रूस का दौरा किया था, जिस दौरान राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने नेतन्याहू को अपने देश में आने का न्योता दिया था। रूस ने सितंबर 2015 में सीरिया में अपनी सेना की तैनाती की थी।
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