नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत और थाईलैंड की नौसेना ने समुद्री क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाते हुए अंडमान सागर में संयुक्त गश्त लगाई। उनकी इस गश्त का उद्देश्य समुद्र में गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकना है।
इस संबंध में शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दोनों देशों की नौसेना वर्ष 2005 से ही साल में दो बार इंटरनेशल मैरिटाइम बाउंड्री लाइन (आईएमबीएल) से सटे इलाकों में संयुक्त गश्त करती आ रही हैं।
मौजूदा समन्वित गश्त इस श्रृंखला की 22वीं गश्त है, जो 19 अप्रैल को शुरू हुई।
इस संयुक्त नौसेना अभ्यास में भारत ने युद्धपोत आईएनएस कारमुक और डॉर्नियर मैरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट को शामिल किया है।
बयान में कहा गया है कि इस संयुक्त नौसेना अभ्यास का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण हिस्से की सुरक्षा बरकरार रखना तथा वाणिज्यिक पोत-परिवहन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बयान के अनुसार, “भारत और थाईलैंड के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर संपर्क बढ़ा है, जिसमें विभिन्न बंदरगाहों का दौरा, बहुपक्षीय अभ्यास तथा प्रशिक्षण आदान-प्रदान शामिल है।”
इस संयुक्त नौसेना अभ्यास का समापन समारोह 25 अप्रैल से 27 अप्रैल को पोर्ट ब्लेयर में होगा।
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