टोक्यो, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। मवेशियों को रोगमुक्त रखने से संबंधित सूचनाओं के तेजी से आदान-प्रदान पर सहयोग बढ़ाने के लिए जी7 देशों के कृषि मंत्री रविवार को एक सहमति पर पहुंचे।
जापान के पूर्वोत्तर प्रांत निगाता की राजधानी निगाता में शनिवार को शुरू हुए जी7 देशों के दो दिवसीय मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में जापान, कनाडा, जर्मनी, इटली, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी किया।
समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, बैठक में युवा प्रतिभा को कृषि क्षेत्र की तरफ आकर्षित करने और जलवायु परिवर्तन के कृषि पर न्यूनतम असर पड़ने से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन के मुताबिक, 2050 तक वैश्विक जनसंख्या बढ़कर 9.2 फीसदी हो जाने का अनुमान है और इतनी बड़ी आबादी को खिलाने के लिए तब तक कृषि उत्पादन में 60 फीसदी वृद्धि करनी होगी।
साझा घोषणा-पत्र में मंत्रियों ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया और कृषि क्षेत्र की उभरती चुनौतियों का मिलकर मुकाबला करने का संकल्प लिया।
खास तौर से उन्होंने बर्ड फ्लू और फुट-एंड-माउथ जैसे वायरस से फैलने वाले रोगों के प्रसार को रोकने के लिए मवेशियों के रोगों की सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रारूप तैयार करने पर सहमति जताई।
इसके तहत मवेशियों में दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल से बैक्टीरिया में विकसित हो रही एंटीबायोटिक्स प्रतिरोधी क्षमता के निदान पर भी आपसी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि गुट से रूस के अलग हो जाने के बाद यह जी7 देशों का इस तरह की पहली बैठक है। रूस के संगठन का हिस्सा रहते जी8 देशों ने 2009 में इटली के शहर ट्रेविसो में इस तरह की बैठक की थी।
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