नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने गुरुवार को उड्डयन क्षेत्र के एक नियम 5/20 के बारे में कहा कि यह अराजक है और यदि उनकी कोशिश को सफलता मिली तो वह इसे बदल देंगे।
अभी देश में लागू 5/20 नियम के तहत भारतीय विमानन कंपनियों के लिए विदेशी शुरू करने से पहले घरेलू बाजार में पांच साल का अनुभव और कम से कम 20 विमानों का बेड़ा होना जरूरी है।
मंत्री ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा, “मेरे विचार से यह अराजक किस्म का नियम है। यह एक भारत में पंजीकृत विमानन कंपनियों को काम करने से रोकता है। लेकिन जब तक यह नियम है, हमें इसका पालन करना होगा।”
उन्होंने कहा, “मैं इस नियम को बदलने की कोशिश कर रहा हूं।”
इससे संबंधित बहस में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि 5/20 नियम देश में और खासतौर से केरल के लोगों के लिए उचित विमानन सुविधा में एक बाधा है।
थरूर ने कहा, “5/20 नियम पूरी तरह गैर वाजिब है।”
राजू ने कहा कि यह नियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने नहीं बनाया है।
राजू ने कहा, “वास्तविकता यह है कि 5/20 नियम किसी वक्त किसी के मंत्रिमंडल ने बनाया था।”
उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय के एक विश्लेषण के मुताबिक, टिकट की ऊंची दरों में विमानन कंपनी द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क का महज दो फीसदी योगदान होता है।
मंत्री ने कहा कि जहां प्रतिस्पर्धा ज्यादा है, वहां टिकट सस्ती है, जहां प्रतिस्पर्धा कम है, वहां किराया अधिक है।
उन्होंने कहा, “हमें क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। देश में क्षमता और विकास बढ़ रही है। इसलिए यदि हम विकास को कुंद करेंगे, तो हम इस समस्या का समाधान नहीं कर पाएंगे।”
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