दार अस सलाम शहर में युनाइटेड नेशन्स हाई कमिशनर फॉर रिफ्यूजी (यूएनएचसीआर) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “अगर राजनीतिक समाधान नहीं निकाला गया और गृहयुद्ध में कमी नहीं आई तो और हजारों लोग देश छोड़ सकते हैं।”
बयान में कहा गया कि बुरुं डी वासियों का पड़ोसी देश तंजानिया सहित अन्य पड़ोसी देशों में जाना जारी है, हालांकि सीमाओं को पार करना मुश्किल हो जाने की वजह से हालिया हफ्तों में इनकी संख्या में कमी आई है।
तंजानिया में बुरुंडी शरणार्थियों की संख्या सबसे अधिक है, यहां रोजाना औसतन 130 बुरुं डी शरणार्थी आते हैं। हाल में आए बुरुंडी शरणार्थियों की एक बड़ी तादाद किगोमा क्षेत्र में स्थित नयरुगुसु शरणार्थी शिविर में डेरा डाले हुए हैं।
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