इस्लामाबाद, 9 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान में हत्या के दो दोषियों को मंगलवार को फांसी देने की तैयारी है। गत माह इनकी फांसी टाल दी गई थी।
डॉन की वेबसाइट के अनुसार, अवकाश प्राप्त जफर इकबाल की फांसी गत माह दो बार टाली गई थी।
दरअसल, इकबाल की ओर से अदालत में अर्जी दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि उनके परिवार और पीड़ितों के उत्तराधिकारियों के बीच समझौता हो गया है। इसके बाद गत 25 अप्रैल को सत्र न्यायालय के आदेश पर उनकी फांसी टाल दी गई थी।
10 जनवरी, 1994 को रावलपिंडी में अपने परिवार के 11 लोगों की हत्या करने के लिए इकबाल को फांसी की सजा सुनाई गई थी।
जफर इकबाल ने आर्या मोहल्ला में अपने संबंधी सरवर शाहिद के परिवार के छह लोगों की हत्या की थी और बाद में संगोरी गांव में परिवार के अन्य पांच लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी थी।
हत्या के दूसरे दोषी मिर्जा सरफराज अहमद हैं। अहमद को अगस्त, 1993 में हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में फांसी की सजा सुनाई गई थी।
अहमद के वकील ने लाहौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि अपराध के समय उसका मुवक्किल नाबालिग था जिसके बाद गत 24 अप्रैल को उसकी फांसी 27 अप्रैल तक के लिए टाल दी गई थी।
दोनों दोषियों को रावलपिंडी की अदिआला जेल में फांसी दी जाएगी।
पेशावर में सेना के पब्लिक स्कूल पर हमले के परिणामस्वरूप पाकिस्तान में जब से फांसी पर से रोक हटाई गई है, तब से देश भर में 250 दोषियों को फांसी दी जा चुकी है। इनमें कुछ आतंकवाद से जुड़े अपराधी भी शामिल थे।
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