यह रपट विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूनिसेफ और इंटरनेशनल बेबी फूड एक्शन नेटवर्क द्वारा तैयार की गई थी, जिसमें ऐसे देशों की सूचना दी गई है, जिन्होंने अपने देश में अंतर्राष्ट्रीय संहिता से संबंधित राष्ट्रीय कानून बनाए।
यह कानून डब्ल्यूएचओ द्वारा 1981 में अपनाया गया था, जो स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का हिस्सा है।
प्रवक्ता ने कहा कि यह कानून सभी देशों से स्तनपान को बढ़ावा देने और उसके विकल्पों को रोकने का आग्रह करता है। साथ ही इसका उद्देश्य स्तनपान के विकल्पों का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करना है।
डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ के अनुसार, नवजात बच्चों को पहले छह महीने तक केवल स्तनपान ही कराना चाहिए। इसके बाद छह महीने से लेकर दो साल तक अन्य विकल्पों जैसे बोतल का दूध और सुरक्षित तथा पोषक युक्त आहार का सेवन कराया जा सकता है।
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