नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। भारत में सोने की मांग में कमी देखी गई है। साल 2016 की पहली तिमाही जनवरी-मार्च के दौरान यह 116.5 टन रही जो कि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 39 फीसदी कम है।
विश्व स्वर्ण परिषद ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि साल 2015 की पहली तिमाही में भारत में सोने की मांग 191.7 टन रही थी।
विश्व स्वर्ण परिषद के प्रबंध निदेशक (भारत) सोमासुंदरम पीआर ने बताया, “इस तिमाही में मांग घटने के प्रमुख कारण उत्पाद शुल्क लगाने के विरोध में जौहरियों की हड़ताल रही। इसके कारण शादी की खरीदारी करने वाले प्रभावित हुए।”
उन्होंने बताया, “साल की शुरुआत में सोने की कीमतों में तेज इजाफे और सीमा शुल्क में कटौती की आस में उपभोक्ताओं ने खरीदारी स्थगित रखी। इसके अलावा सरकार ने 2 लाख रुपये से अधिक की खरीदारी पर पैन नंबर बताने का नियम बनाया जिससे उपभोक्ताओं पर असर पड़ा।”
विश्व स्वर्ण परिषद की गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 की पहली तिमाही में सोने की वैश्विक मांग 1,290 टन रही। यह पिछले साल के इसी समयावधि के मुकाबले 21 फीसदी अधिक है।
भारत की पहली तिमाही में सोने की 29,900 करोड़ रुपये की खरीदारी हुई जो साल 2015 की पहली तिमाही के 46,730 करोड़ रुपये के मुकाबले 36 फीसदी कम है।
वहीं, इस समयावधि में भारत में आभूषणों की कुल मांग 41 फीसदी घटकर 88.4 टन रही, जबकि 2015 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 150.8 टन था।
विश्व स्वर्ण परिषद ने भारत में पूरे साल में 850 टन से लेकर 950 टन सोने की मांग का अनुमान लगाया है।
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