अधिकारियों व राजनयिकों ने रविवार को कहा कि तालिबान के अफगानिस्तान की सरकार के साथ प्रत्यक्ष वार्ता में शामिल होने से इनकार करने के बाद यह क्वाड्रीलैटरल कोर्डिनेशनल ग्रुप (क्यूसीजी) या चतुर्भुज समन्वय समूह की पहली बैठक होगी। क्यूसीजी की पिछली बैठक फरवरी में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुई थी, जिसमें विद्रोहियों को मार्च के पहले सप्ताह तक शांति प्रक्रिया में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था।
यह बैठक बहुत अहम मानी जा रही है, क्योंकि अफगानिस्तान तालिबान के खिलाफ कार्रवाई करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, क्योंकि तालिबान की वार्ता मेज पर आने में दिलचस्पी नहीं है और उसने अपनी वार्षिक ‘स्प्रिंग ऑफेंसिव’ शुरू कर दी है।
19 अप्रैल को राजधानी काबुल में तालिबान के आत्मघाती हमले में 64 लोग मारे गए थे और करीब 350 लोग घायल हुए थे। इस हमले ने शांति वार्ता के प्रयासों को बुरी तरह प्रभावित किया है। राष्ट्रपति अशरफ गनी ने 25 अप्रैल को अपने संसदीय भाषण में तालिबान से जंग को अपनी प्राथमिकता बताया था।
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