तेहरान, 17 मई (आईएएनएस)। ईरान के सांसदों ने मंगलवार को उस विधेयक को स्वीकृति दे दी जिसमें राष्ट्रपति हसन रूहानी के प्रशासन को अमेरिका से मुआवजा मांगने का अधिकार दिया गया है। क्षतिपूर्ति का यह दावा ईरान और उसके नागरिकों को नुकसान पहुंचाने वाली नीति के बदले किया जाएगा।
प्रेस टीवी की खबर के अनुसार, यदि यह विधेयक कानून में बदल गया तो रूहानी सरकार को अमेरिका से मुआवजा देने का आग्रह करना होगा। इनमें अन्य चीजों के अलावा भिन्न-भिन्न बहाने से अमेरिकी बैंकों द्वारा ईरान के लोगों की संपत्ति हड़पने को लेकर भी मुआवजा मांगा जाएगा।
अप्रैल में अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला दिया था कि ईरान की करीब दो अरब डॉलर की जब्त संपत्ति को लेबनान की राजधनी बेरूत के अमेरिकी नौसेना की बैरकों पर 1983 के बम हमले और ईरान के अन्य हमलों में मारे गए अमेरिकी नागरिकों के परिजनों पर खर्च किया जाए।
यह संपत्ति सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान की है जिस पर अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत रोक लगी हुई है।
मंगलवार को ईरान के कट्टरपंथी सांसद हामिद रासाएई ने इस विधेयक के पूरक विधेयक का प्रस्ताव दिया जिसमें अमेरिका के इस दुश्मनी वाले कार्य के जवाब में ईरान को होरमुज जलडमरू मध्य से जाने वाली ‘अमेरिकी संपत्ति को जब्त कर लेने का’ प्रावधान है।
हामिद ने कहा कि यदि अमेरिका, ईरान की संपत्ति हड़पना चाहता है तो होरमुज जलडमरू मध्य उसके लिए अनिवार्य रूप से असुरक्षित जगह बना दी जानी चाहिए और अमेरिकी पोतों पर इससे होकर गुजरने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
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