खुदादादपुर में बीते 12 घंटे से हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। बड़ी संख्या में आरएएफ, पीएसी तथा पुलिस की निगरानी में दंगाइयों पर नियंत्रण कर लिया गया है। प्रदेश के एडीजी (कानून व्यवस्था) के साथ ही वाराणसी के आईजी व डीआईजी भी आजमगढ़ में डेरा डाले हुए हैं।
सोशल मीडिया के जरिए फैल रही अफवाहों को रोकने के लिए सोमवार की शाम से ही जिले में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगा दी गई है। बलवाइयों की धरपकड़ के लिए रातभर छापेमारी चलती रही।
संवेदनशील इलाकों में एहतियात के तौर पर आरएएफ और कमांडो की तैनाती की गई है। जिले के चर्चित संजरपुर और सरायमीर समेत कई बाजार आज भी बंद हैं। निजामाबाद के खुदादपुर, फरीदाबाद, बनगांव, फरिहा आदि इलाकों में भी सन्नाटा है। हिंसक झड़पें इन्हीं क्षेत्रों से शुरू हुई थीं।
ऑटो के किराये व होली के दिन रंग डाले जाने को लेकर अब दो सांप्रदायों में विवाद बार-बार दंगों का रूप ले रहा है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बेवजह दंगे कराए जा रहे हैं।
रविवार को हुए पथराव व आगजनी के बाद भीड़ की तरफ से की गई फायरिंग में एक सीओ समेत कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी घायल हो गए थे। लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर पुलिस ने किसी तरह हालात को काबू में किया था, लेकिन तनाव को कम करने के उपाय जारी हैं।
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