इस्लामाबाद, 21 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण(पेमरा) ने दुष्कर्म, हत्या, लूट-पाट और आत्महत्या जैसे अपराधों का नाट्य रूपांतरण दर्शाने वाले कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
‘डॉन ऑनलाइन’ की रपट के मुताबिक, पेमरा के अध्यक्ष अबसार आलम ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन ने अगले महीने से ऐसे कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, जिनमें दुष्कर्म और हत्या जैसे अपराधों का नाट्य रूपांतरण दर्शाया जाता है। साथ ही जिनमें खोजी पत्रकारिता के नाम पर छापेमारी की जाती है।
आलम ने कहा, “किसी को भी दुष्कर्म या आत्महत्या पीड़ितों या दुष्कर्म पीड़ितों के परिवार के सदस्यों के नाम का खुलासा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी और न ही किसी चैनल को उनका साक्षात्कार दिखाने की इजाजत दी जाएगी।”
प्रशासन द्वारा जारी एक अधिसूचना के मुताबिक, दर्शकों ने ऐसे कार्यक्रमों के बारे में निरंतर शिकायत की है, जबकि कानून प्र्वतन एजेंसियां मानती हैं कि ऐसे कार्यक्रमों का प्रसारण न केवल युवाओं को अपराध करने को प्रेरित करता है, बल्कि साथ ही कई अपराधियों ने भी स्वीकार किया है कि इन कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने अपराध के नए तरीके सीखे हैं।
अधिसूचना के मुताबिक, “सीनेट की स्थायी समितियों ने प्रशासन से अपराधों का नाट्य रूपांतरण दर्शाने वाले कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। लाहौर उच्च न्यायालय ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान ऐसे कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था और पंजाब विधानसभा में ऐसे कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था।”
खोजी पत्रकारिता के बारे में अधिसूचना में कहा गया है कि प्रशासन आचार संहिता बना रहा है और नियम और उपनियम बनाए जा रहे हैं, जो शीघ्र ही चैनलों को जारी कर दिए जाएंगे।
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